मुहं के छाले के उपाय !! Muh Ke Chale Ke Upay

मुहं के छाले के उपाय [ Muh Ke Chale Ke Upay ] : 

गरमी के मोसम में मुंह में छाले होना बहुत ही आम बात है ! और बहुत से लोंगो होगे जो की मुंह के छाले से गर्मी आते ही परेशानी का सामना करना पड़ जाता होगा ! इसी समस्या को देखते हुए हम आपके लिए मुंह के छाले से निजात पाने के लिए कुछ आयुवेदिक नुख्से ला रहे है जिन्हें आप अपने घर बैठे ही आसानी से करके मुंह के छाले से निजात पा सकते है ! 

  • छाले होने पर कत्था और मुलहठी का चूर्ण और शहद मिलाकर मुंह के छालों परलगाने चाहिए।
  • अमलतास की फली मज्जा को धनिये के साथ पीसकर थोड़ा कत्था मिलाकर मुंह में रखिए। या केवल अमलतास के गूदे को मुंहमें रखने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।
  • मुँह में छाले होने पर सुबह शाम अडूसा के 2-3 पत्तों को चबाकर उनका रस चूसना चाहिए।
  • पान लगाने वाले कत्थे को मुहँ के छालों में लगाने से जल्द लाभ मिलता है ।
  • इस रोग को ठीक करने के लिए कुछ दिनों तक उपवास रखना चाहिए। इस दौरान रोगी को फलों के रस का सेवन करना चाहिए और एनिमा क्रिया के द्वारा पेट को साफ करना चाहिए। इसके बाद दो दिनों तक उदरस्नान करना चाहिए और रात के समय में कमर पर भीगी पट्टी अथवा पेड़ू पर गीली मिट्टी लगानी चाहिए।

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  • रोगी व्यक्ति को अपने पैरों को कुछ दिनों तक गर्म पानी से धोना चाहिए।
  • छोटी हरड़ को महीन पीसकर छालों पर लगाने से मुँह तथा जीभ के छालों से निश्चित रूप से छुटकारा मिलता है। इसे दिन में दो तीन बार अवश्य ही लगायें।
  • तुलसी की चार-पाँच पत्तियां नित्य सुबह और शाम चबाकर ऊपर से दो घूँट पानी पीयें। मुँह के छाले शीघ्र ठीक जाते है ।
  • मुंह के अन्दर तथा चेहरे पर भाप देना चाहिए तथा भाप देते समय सिर पर ठंडे पानी से भीगा तौलिया रखना चाहिए तथा इस क्रिया को दिन में तीन बार करना चाहिए।
  • इस रोग को ठीक करने के लिए रोगी व्यक्ति को अधिक से अधिक पानी  पीना चाहिए।
  • सूखे पान के पत्ते का चूर्ण बनाकर इस चूर्ण को शहद में मिलाकर दिन में 3-4 बार चाटना चाहिए।
  • शहद में मुलहठी का चूर्ण मिलाकर इसका लेप मुँह के छालों पर करें और लार को मुँह से बाहर टपकने दें।
  • मुंह के छाले से पीड़ित रोगी को सादा तथा जल्दी पचने वाले भोजन का सेवन करना चाहिए।
  • नीली, पीली, आसमानी तथा हरी बोतलों के सूर्यतप्त जल को समान मात्रा में मिलाकर, लगभग 29 मिलीलीटर की मात्रा में लेकर रोगी व्यक्ति को प्रतिदिन दिन में 6 बार पिलाना चाहिए। इसके बाद गहरी नीली तथा हरी बोतल के पानी को समान मात्रा में मिलाकर दिन में लगभग 30 मिनट के लिए रोगी को कुल्ला कराना चाहिए। इससे यह रोग कुछ ही समय में ठीक हो जाता है।

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