वराह जयंती व्रत पूजा विधि ( Varaha Jayanti Vrat Puja Vidhi ) Varaha Jayanti Vrat

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वराह जयंती व्रत कब है २०१८ : Varaha Jayanti Vrat Kab Hai 2018

इस साल वराह जयंती व्रत ( Varaha Jayanti Vrat ) 13 सितम्बर, वार बुधवार के दिन बनाई जाएगी.

वराह जयंती व्रत पूजा विधि || Varaha Jayanti Vrat Puja Vidhi

हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, भाद्रपद मास की शुक्लपक्ष की तृतीय तिथि के दिन Varaha Jayanti Vrat का पर्व मनाया जाता है ! वैसे तो  भगवान श्री विष्णु जी ने अनेकों अवतार लिए है उन्हीं में से भगवान श्री विष्णु जी ने “वराह अवतार” अवतार लिया है ! जो की इस दिन को वराह अवतार जयंती के नाम से जानी जाती है ! इस दिन भगवान श्री विष्णु जी के इसी दिन वराह अवतार लेकर हिरण्याक्ष नामक दैत्य का वध किया था !

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वराह जयंती व्रत पूजा विधि || Varaha Jayanti Vrat Puja Vidhi

जो भी व्यक्ति Varaha Jayanti Vrat को रखते हैं उन्हें व्रत तिथि के दिन जल्दी उठकर नित्य कर्म से निवृत होकर साफ़ कपडे पहनकर संकल्प करके एक कलश में भगवान वराह की सोने की प्रतिमा या अन्य धातु की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए ! भगवान वराह की मूर्ति की स्थापना करने के पश्चात विधि-विधान सहित षोडशोपचार से भगवान वराह की पूजा करनी चाहिए ! 

पूरे दिन Varaha Jayanti Vrat व् उपवास रखकर रात्रि में जागरण करके भगवान श्री विष्णु के अवतारों की कथा- कहानी सुननी चाहिए ! और वराह देव जी के मन्त्र का जाप करे और उनके भजन सुनने चाहिए ! और अगले दिन कलश में स्थित वराह भगवान की पूजा करने के बाद प्रतिमा को बाहर निकालकर कलश को विसर्जन करना चाहिए ! और विसर्जन के पश्चात उस स्वर्ण प्रतिमा या अन्य धातु की प्रतिमा को किसी भी ब्राह्मण आचार्य को दान देना चाहिए !

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