श्री बृहस्पति स्तोत्रम् ( Shri Brihaspati Stotram ) Chandra Graha Stotram in Sanskrit

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श्री बृहस्पति स्तोत्रम् || Shri Brihaspati Stotram

श्री बृहस्पति स्तोत्रम् स्कन्द पुराणा के अन्तर्गतम् से लिया गया हैं ! जब किसी भी जातक की कुंडली में ब्रहस्पति ग्रह नीच का होकर या गोचर में बुरा प्रभाव दे रहा हो या ब्रहस्पति ग्रह की दशा और अन्तर्दशा में बुरा फ़ल दे तो दिए गये श्री बृहस्पति स्तोत्रम् का रोजाना जाप करने से ब्रहस्पति सम्बन्धित हो रही परेशानी से निजात मिलेगा ! ब्रहस्पति स्तोत्र का रोजाना पाठ करने से श्री बृहस्पति स्तोत्रम् अपना बुरा प्रभाव छोड़कर अच्छा फ़ल देने लग जाता हैं !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 7821878500 Shri Brihaspati Stotram By Acharya Pandit Lalit Trivedi 7821878500

श्री बृहस्पति स्तोत्रम् || Shri Brihaspati Stotram

गुरुर्बृहस्पतिर्ज्जीवः सुराचार्यो विदां वरः।

वागीशो धिषणो दीर्घश्मश्रुः पीतांबरो युवा ॥१॥

सुधादृष्टिर्ग्रहाधीशो ग्रहपीडापहारकः।

दयाकरः सौम्यमूर्तिः सुरार्च्यः कुड्मलद्युतिः॥२॥

लोकपूज्यो लोकगुरुः नीतिज्ञो नीतिकारकः।

तारापतिश्चाङ्गिरसो वेदवेद्यः पितामहः॥३॥

भक्त्या बृहस्पतिं स्मृत्वा नामान्येतानि यः पठेत्।

अरोगी बलवान् श्रीमान् पुत्रवान् स भवेन्नरः ॥४॥

जीवेत् वर्षशतं मर्त्यः पापं नश्यति नश्यति।

यः पूजयेत् गुरुदिने पीतगन्धाक्षतांबरैः  ॥५॥

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पुष्पदीपोपहारैश्च पूजयित्वा बृहस्पतिम्।

ब्रह्मणान् भोजयित्वा च पीडाशान्तिर्भवेत् गुरोः ॥६॥

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