ऋषि पंचमी व्रत की पूजा विधि || Rishi Panchami Vrat Ki Puja Vidhi

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ऋषि पंचमी व्रत की पूजा विधि || Rishi Panchami Vrat Ki Puja Vidhi

ब्रह्म पुराण के अनुसार भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को सप्त ऋषि पूजन व्रत करने का विधान है ! इस दिन चारों वर्ण की स्त्रियों को ऋषि पंचमी व्रत का उपवास रखना चाहिए ! ऋषि पंचमी व्रत का उपवास करने से जाने-अनजाने में हुए पापों से स्त्री तथा पुरुषों दोनों को मुक्ति मिलती है ! इस दिन हो गये तो गंगा स्नान करना चाहिए ! ऋषि पंचमी को भाई पंचमी के नाम से भी जाना जाता है !  आज के दिन ही माहेश्वरी समाज में राखी बांधने का नियम है ! और आज के दिन ही बहन अपने भाई की दीर्घायु के लिए व्रत रखती है और पूजा करने के बाद ही खाना खाती है !

कैसे करे ऋषि पंचमी व्रत || Kaise Kare Rishi Panchami Vrat

ऋषि पंचमी व्रत की पूजा विधि || Rishi Panchami Vrat Ki Puja Vidhi

Rishi Panchami Vrat वाले दिन जल्दी उठकर नित्य कर्म ( हो सके तो गंगा स्नान करें ) से निवृत होकर साफ़ कपडे पहकर अपने घर में पूजा स्थल पर चोकी रखकर सप्त ऋषियों की स्थापना करें ! उसके बाद गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि से सप्तर्षियों की पूजा अर्चना करनी चाहिए ! फूल माला व फूल अर्पित करें ! यग्योपवीत ( जनेऊ ) पहनाये ! सफ़ेद वस्त्र अर्पित करें ! फल, मिठाई आदि का भोग लगाएं ! धूप दीप आदि जलाएं ! नीचे दिए गये मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें :

मंत्र : कश्यपोऽत्रिर्भरद्वाजो विश्वामित्रोऽथ गौतमः।

जमदग्निर्वसिष्ठश्च सप्तैते ऋषयः स्मृताः॥

दहन्तु पापं मे सर्वं गृह्नणन्त्वर्घ्यं नमो नमः॥ 

अर्घ्य देने के बाद Rishi Panchami व्रत कथा सुनकर आरती करें ! Rishi Panchami Vrat वाले दिन फलाहार खाकर उपवास रखें ! ब्रह्मचर्य का पालन करें ! 

ऋषि पंचमी व्रत उद्यापन विधि : Rishi Panchami Vrat Udyapan Vidhi : 

स्त्रियों में माहवारी का समय समाप्त होने पर अर्थात वृद्धावस्था के बाद Rishi Panchami Vrat का उद्यापन किया जाता हैं ! ऋषि पंचमी उद्यापन में ऊपर दी गई पूजा करने के बाद सात ब्रह्मणों को सप्त ऋषि का रूप मान उन्हें भोजन खिलाना चाहिए व् अपने इच्छानुसार दान देना चाहिए ! 

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