रतौंधी का आयुर्वेदिक उपचार || Ratondhi Ka Ayurvedic Upchar

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रतौंधी का आयुर्वेदिक उपचार || Ratondhi Ka Ayurvedic Upchar

क्या आप रतौंधी से परेशान हैं, तो हम आपको यंहा रतौंधी से बचने के कुछ आयुर्वेदिक उपाय बताने जा रहें हैं जिन्हें करने से आपको रतौंधी से बहुत जल्दी निजात मिल जायेगा ! Ratondhi Ka Ayurvedic Upchar By www.indiaplus.co.in 

रतौंधी का आयुर्वेदिक उपचार || Ratondhi Ka Ayurvedic Upchar

रतौंधी का पहला आयुर्वेदिक उपाय || Ratondhi Ka Pahala Ayurvedic Upay

60 ग्राम गेहूँ का आटा, 50 ग्राम बंगाली चने की छाल, 20 ग्राम रागी का आटा, 20 ग्राम सहिजन (सुरजने) के सूखे पत्ते, गुड़ 40 ग्राम, इन सभी चीजों को 10 ग्राम तिल्ली के तेल में भूनकर अच्छी तरह मिलाकर लड्डू बना लें। रोगी को नियमित उम्र के अनुसार 2 से 4 लड्डू खिलाएँ । इससे पोषण बढ़ता है और रतौंधी रोग दूर हो जाता है । रतौंधी में पौष्टिक लड्डू भी काफी लाभकारी होते हैं। इनके सेवन से 5 से 7 दिन में रोगी को लाभ नजर आने लगता है।

रतौंधी का दूसरा आयुर्वेदिक उपाय || Ratondhi Ka Dusra Ayurvedic Upay

रतौंधी का रोगी 50 ग्राम कच्ची मूँगफली 20 या 25 ग्राम गुड़ के साथ खूब चबा-चबाकर खाएँ तो 8 या 10 दिन में ही लाभ नजर आने लगता है, लेकिन रतौंधी से छुटकारा पाने के लिए औषधियों का उचित समय तक नियमित सेवन जरूर करना चाहिए।

रतौंधी का तीसरा आयुर्वेदिक उपाय || Ratondhi Ka Tisara Ayurvedic Upay

हरड़ 25 ग्राम, आँवला 100 ग्राम, यष्टिमधु 100 ग्राम, शतावरी 100 ग्राम, बहेड़ा 50 ग्राम, दालचीनी 10 ग्राम, पीपल 10 ग्राम, सैंधा नमक 10 ग्राम, शकर 300 ग्राम को मिलाकर चूर्ण बना लें। 3 से 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण विषम मात्रा में घी व शहद से प्रतिदिन लेने से आँखों के अनेक रोग दूर होते हैं ।

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