राहु ग्रह के मंत्र ( Rahu Grah Ke Mantra ) Rahu Grah Ke Tantrik Mantra

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राहु ग्रह के मंत्र || Rahu Grah Ke Mantra

यदि आपकी कुंडली में राहु ग्रह कमजोर हो या नीच का हो या राहु की दशा या अन्दर दशा आपको बुरा फल दे रही हो या किसी भी कारन से राहु बुरा फ़ल दे रहा हैं तो आप राहु के मन्त्रों का जाप करके राहु ग्रह को अनुकूल कर सकते हैं ! Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Sharma द्वारा बताये जा रहे राहु ग्रह के मंत्र || Rahu Grah Ke Mantra को पढ़कर आप भी राहु ग्रह के मन्त्रों का जाप करके अनुकूल बना सकोंगे !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 7821878500 Rahu Grah Ke Mantra By Acharya Pandit Lalit Sharma

राहु ग्रह के मंत्र || Rahu Grah Ke Mantra

राहु ग्रह का वैदिक मंत्र : 

ऊँ कयानश्चित्र आभुवदूतीसदा वृध: सखा । कयाशश्चिष्ठया वृता ।

राहु ग्रह का तांत्रिक मंत्र : 

  • ऊँ ऎं ह्रीं राहवे नम:
  • ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:
  • ऊँ ह्रीं ह्रीं राहवे नम:

राहु ग्रह का एकाक्षरी बीज मंत्र : 

ऊँ रां राहवे नम:

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राहु ग्रह का पौराणिक मंत्र : 

ऊँ अर्धकायं महावीर्य चन्द्रादित्यविमर्दनम । सिंहिकागर्भसंभूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम ।।

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राहु ग्रह का गायत्री मंत्र : 

“ॐ शिरो रूपाय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात्” ।।

राहु ग्रह मंत्र जप संख्या :

18,000  शनिवार शुक्ल पक्ष रात्रिकाल

राहु ग्रह दान-द्रव्य : 

सीसा, सर्प, काला रंग, सोना, काले तिल, जौ, सरसों का तेल, काले रंग के पुष्प, हाथी, कच्चे कोयले, सोने या चांदी का बना हुआ सर्प, काले उडद, तलवार, नीला या काला कंबल, नारियल, तिल का तेल, अभ्रक, मछली, नीला कपड़ा, गर्म कपड़े, बिजली के यंत्र, नीलगाय, धुआं, कुंडली में राहु जिस ग्रह का प्रतिनिधित्व करता हो उस ग्रह की वस्तुएं, तलवार, कंबल, घोड़ा, सूप, गोमेद, खोटे सिक्के, आदि वस्तुएं दान करते है ! इसके साथ साथ जलेबी ( एक तरह की मिठाई ) संध्या समय किसी कोढ़ी को दान में देना चाहिए ।

राहु ग्रह दान का समय :

इन वस्तुओं के दान के लिए ज्योतिषशास्त्र में शनिवार शुक्ल पक्ष में सायंकाल का समय उपयुक्त माना गया है 

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