नरक चतुर्दशी की पूजा की विधि || Narak Chaturdashi Ki Puja Ki Vidhi

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नरक चतुर्दशी की पूजा की विधि || Narak Chaturdashi Ki Puja Ki Vidhi

पूजा में सबसे महत्वपूर्ण है श्रद्धा व् आस्था होनी चाहिए ! श्रद्धा व् आस्था के साथ अगर आप कोई भी कैसी भी आराधना करते हैं तो विधि-विधान से की जाने वाली पूजा जैसी ही फल प्राप्ति हो सकती है । हम यंहा आपको Narak Chaturdashi Ki Puja Vidhi के बारे में बताने जा रहे हैं ! Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Trivedi द्वारा बताये जा रहे नरक चतुर्दशी की पूजा की विधि || Narak Chaturdashi Ki Puja Ki Vidhi को पढ़कर आप भी आप भी नरक चतुर्दशी पूजा विधि को शुभ व् उत्तम बनाइयें !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 7821878500 Narak Chaturdashi Ki Puja Ki Vidhi By Astrologer Acharya Pandit Lalit Trivedi

नरक चतुर्दशी की पूजा की विधि || Narak Chaturdashi Ki Puja Ki Vidhi

नरक चतुर्दशी की पूजा सामग्री || Narak Chaturdashi Ki Puja Samagri

श्री गणेश व् श्री लक्ष्मी माँ की प्रतिमा, 11 या 21 चाँदी के सिक्के, एक थाली, सरसों का तेल, रुई की बत्ती, रोली, चावल, धुप, कोयला, कच्चा दूध, मूंग, फुल, चोकी, आसन, लाल व् पीले रंग का कपडा, ५ प्रकार की मिठाई आदि ! 

नरक चतुर्दशी की पूजा विधि || Narak Chaturdashi Ki Puja Vidhi

इस दिन जल्दी उठकर सुबह अपने नित्य कर्म से निवर्त होकर साफ़ सुधरे कपडे पहने ! लिए गये सिक्के को रोली मिले कच्चे दुश से साफ करें उसके बाद उससे गंगाजल या साफ़ जल से धो लें, ऐसा करने के बाद उन सब सिक्कों को एक थाली में नया कपड़ा बिछा कर सजा लें, अब एक चोकी पर रख ले, पर आपको ध्यान रहें की पूजन करते समय आपका मुंह पूर्व दिशा की तरफ रहना चाहिए, चोकी पर लाल व् पीला कपडा बिछाकर श्री लक्ष्मी और श्री गणेश जी की प्रतिमा रखें,

ऐसा करने के बाद उन सब सिक्कों को एक थाली में नया कपड़ा बिछा कर सजा लें व् थाली के बीच में एक चोमुखा ( घी का ) दीपक रखें, और चरों और 11 या 21 दीपक ( सरसों के तेल के ) सजाकर जला दें, श्री लक्ष्मी माता व् श्री गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर चावल चदाये, चाँदी के सिक्के व् दीपक पर रोली के छीटें मारे, इसके बाद धुप जलाये ! थाली में 7 दीपक व् चोमुखा दीपक छोड़कर बाकि के दीपक को घर के मुख्य स्थानों में रख दें !

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