माता महागौरी देवी की पूजा विधि || Mata Mahagauri Devi Ki Puja Vidhi

माता महागौरी देवी की पूजा विधि, Mata Mahagauri Devi Ki Puja Vidhi, Mata Mahagauri Devi Ka Swarup, Mata Mahagauri Devi Ki Katha, Mata Mahagauri Devi Ka Mantra, Mata Mahagauri Devi Ke Upay. 

आपकी कुंडली के अनुसार 10 वर्ष के आसन उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope ) आज ही बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges ) में अभी Mobile पर कॉल या Whats app Number पर सम्पर्क करें : 7821878500

माता महागौरी देवी की पूजा विधि || Mata Mahagauri Devi Ki Puja Vidhi

नवरात्रि के आठवें दिन देवी महागौरा की पूजा की जाती है। यह शिव जी की अर्धांगिनी है। कठोर तपस्या के बाद देवी ने शिव जी को अपने पति के रुप में प्राप्त किया था। शंख और चन्द्र के समान अत्यंत श्वेत वर्ण धारी “माँ महागौरी” माँ दुर्गा का आठवां स्वरुप हैं। यह भक्तों के सारे पापों को जला देनेवाली और आदिशक्ति मां दुर्गा की नौ शक्तियों की आठवीं स्वरूपा महागौरी की पूजा नवरात्र के अष्टमी तिथि को किया जाता है | !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 7821878500 Mata Mahagauri Devi Ki Puja Vidhi By Acharya Pandit Lalit Trivedi

माता महागौरी देवी की पूजा विधि || Mata Mahagauri Devi Ki Puja Vidhi

माता महागौरी देवी की कथा || Mata Mahagauri Devi Ki Katha

मान्यतानुसार कथानुसार Mata Mahagauri ने अपने पूर्व जन्म में भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिसके कारण इनके शरीर का रंग एकदम काला पड़ गया था | तब मां की भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं शिवजी ने इनके शरीर को गंगाजी के पवित्र जल से धोया, जिससे इनका वर्ण विद्युत-प्रभा की तरह कान्तिमान और गौर वर्ण का हो गया और उसी कारणवश माता का नाम महागौरी पड़ा |

माता महागौरी देवी का स्वरूप || Mata Mahagauri Devi Ka Swarup 

माता महागौरी की आयु आठ वर्ष मानी गई है | देवी महागौरा के शरीर बहुत गोरा है । महागौरा के वस्त्र और अभुषण श्वेत होने के कारण उन्हें श्वेताम्बरधरा भी कहा गया है।  इनकी चार भुजाएं हैं, जिनमें एक हाथ में त्रिशूल है, दूसरे हाथ से अभय मुद्रा में हैं, तीसरे हाथ में डमरू सुशोभित है और चौथा हाथ वर मुद्रा में है | इनका वाहन गाय है। 

माता महागौरी देवी की पूजा विधि || Mata Mahagauri Devi Ki Puja Vidhi

नवरात्र की अष्टमी तिथि को Mata Mahagauri की पूजा का बड़ा महात्म्य है | मान्यता है कि भक्ति और श्रद्धा पूर्वक माता की पूजा करने से भक्त के घर में सुख-शांति बनी रहती है और उसके यहां माता अन्नपूर्णा स्वरुप होती है | इस दिन माता की पूजा में कन्या पूजन और उनके सम्मान का विधान है | अष्टमी तिथि के दिन भगवती को नारियल का भोग लगाना चाहिए। फिर नैवेद्य रूप वह नारियल ब्राह्मण को दे देना चाहिए। इसके फलस्वरूप उस पुरुष के पास किसी प्रकार का संताप नहीं आ सकता। श्री दुर्गा जी के आठवें स्वरूप महागौरी मां का प्रसिद्ध पीठ हरिद्वार के समीप कनखल नामक स्थान पर है।

माता महागौरी देवी का मंत्र || Mata Mahagauri Devi Ka Mantra

श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः | महागौरी शुभं दद्यान्त्र महादेव प्रमोददा || 

माता महागौरी देवी के उपाय || Mata Mahagauri Devi Ka Upay

नवरात्र की अष्टमी तिथि के दिन Mata Mahagauri को नारियल का भोग लगाने और दान करने से घर में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

<<< पिछला पेज पढ़ें                                                                                                                      अगला पेज पढ़ें >>>


नोट : ज्योतिष सम्बन्धित व् वास्तु सम्बन्धित समस्या से परेशान हो तो ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 7821878500 ( Paid Services )

Related Post :

नवरात्र कलश स्थापना मुहूर्त || Navratri Kalash Sthapana Muhurat

नवरात्रि पूजा विधि || Navratri Puja Vidhi

नवरात्रि के उपाय || Navratri Ke Upay

नवरात्रि में 9 दिन के 9 उपाय || Navratri Me 9 Din Ke 9 Upay

राशि अनुसार नवरात्रि के उपाय || Rashi Anusar Navratri Ke Upay

माँ महागौरी देवी स्तोत्र || Maa Mahagauri Devi Stotra

माता महागौरी देवी कवच || Mata Mahagauri Devi Kavach

माँ दुर्गा देवी मंत्र || Maa Durga Devi Mantra

श्री दुर्गा स्तुति || Shri Durga Stuti

श्री दुर्गा द्वात्रिंश नाम माला स्तोत्र || Shri Durga Dwatrinsha Naamamala Stotra

श्री चण्डी पाठ || Shri Chandi Path

देवी कवच || Devi Kavacham

श्री दुर्गा कवचम् || Shri Durga Kavacham

श्री दुर्गाष्टकम् || Shri Durgashtakam

श्री दुर्गा मानस पूजा || Shri Durga Manasa Puja

श्री दुर्गा सहस्त्रनाम स्तोत्रम् || Shri Durga Sahasranama Stotram

माँ दुर्गा के 108 नाम || Maa Durga Ke 108 Naam

दुर्गा माँ अष्टोत्तर शतनामावली || Durga Maa Ashtottara Shatanamavali

दुर्गा देवी अष्टोत्तर शतनामावली || Shri Durga Devi Ashtottara Shatanamavali

श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् || Shri Durga Ashtottara Shatanama Stotram

दुर्गा सप्तशती सिद्ध मंत्र || Durga Saptashati Siddha Mantra

श्री दुर्गा चालीसा || Shri Durga Chalisa

श्री दुर्गा माता की आरती || Shri Durga Mata Ki Aarti

अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती || Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Aarti

नवार्ण मंत्र साधना विधि || Navarna Mantra Sadhana Vidhi

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र || Siddha Kunjika Stotram

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र साधना || Siddha Kunjika Stotram Sadhana

दस महाविद्या साधना विधि || Dus Mahavidya Sadhana Vidhi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *