मंगल स्तोत्र ( Mangal Stotram ) Mangal Graha Stotram in Sanskrit

मंगल स्तोत्र, Mangal Stotram, Mangal Stotram Ke Fayde, Mangal Stotram Ke Labh, Mangal Stotram Benefits, Mangal Stotram Pdf, Mangal Stotram in Sanskrit, Mangal Stotram Lyrics. 

आपकी कुंडली के अनुसार 10 वर्ष के आसन उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) आज ही बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में अभी Mobile पर कॉल या Whats app Number पर सम्पर्क करें : 7821878500

मंगल स्तोत्र || Mangal Stotram

जब किसी भी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह नीच का होकर या गोचर में बुरा प्रभाव दे रहा हो या मंगल ग्रह की दशा और अन्तर्दशा में बुरा फ़ल दे तो दिए गये Mangal Stotram का रोजाना जाप करने से मंगल सम्बन्धित हो रही परेशानी से निजात मिलेगा ! Mangal Stotram का रोजाना पाठ करने से मंगल ग्रह अपना बुरा प्रभाव छोड़कर अच्छा फ़ल देने लग जाता हैं ! Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Trivedi द्वारा बताये जा रहे मंगल स्तोत्र को पढ़कर आप भी मंगल ग्रह को अनुकूल बना सकोंगे !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 7821878500 Mangal Stotram Acharya Pandit Lalit Trivedi 

मंगल स्तोत्र || Mangal Stotram

रक्ताम्बरो रक्तवपु: किरीटी, चतुर्मुखो मेघगदो गदाधृक ।

धरासुत: शक्तिधरश्च शूली, सदा मम स्याद वरद: प्रशान्त: ।।1।।

धरणीगर्भसंभूतं विद्युतेजसमप्रभम ।

 कुमारं शक्तिहस्तं च मंगलं प्रणमाम्यहम ।।2।।

ऋणहर्त्रे नमस्तुभ्यं दु:खदारिद्रनाशिने । 

नमामि द्योतमानाय सर्वकल्याणकारिणे ।।3।।

देवदानवगन्धर्वयक्षराक्षसपन्नगा: । 

सुखं यान्ति यतस्तस्मै नमो धरणि सूनवे ।।4।।

हमारे Youtube चैनल को अभी SUBSCRIBES करें ||

मांगलिक दोष निवारण || Mangal Dosha Nivaran

दी गई YouTube Video पर क्लिक करके मांगलिक दोष के उपाय || Manglik Dosh Ke Upay बहुत आसन तरीके से सुन ओर देख सकोगें !

यो वक्रगतिमापन्नो नृणां विघ्नं प्रयच्छति ।

पूजित: सुखसौभाग्यं तस्मै क्ष्मासूनवे नम: ।।5।।

प्रसादं कुरु मे नाथ मंगलप्रद मंगल ।

मेषवाहन रुद्रात्मन पुत्रान देहि धनं यश: ।।6।।

( इति मन्त्रमहार्णवे मंगल स्तोत्रम  )

<<< पिछला पेज पढ़ें                                                                                                                      अगला पेज पढ़ें >>>


यदि आपके जीवन में भी मंगल ग्रह के कारण किसी भी तरह की परेशानी आ रही हो तो अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 7821878500 ( Paid Services )

Related Post : 

मंगल ग्रह के उपाय || Mangal Graha Ke Upay

मंगल ग्रह की शांति के उपाय || Mangal Grah Ki Shanti Ke Upay

मंगल को मजबूत करने के उपाय || Mangal Ko Majboot Karne Ke Upay

मंगल को प्रसन्न करने के उपाय || Mangal Ko Prasan Karne Ke Upay

मंगल की महादशा और अंतर्दशा के उपाय || Mangal Ki Mahadasha-Antardasha Ke Upay

मंगल ग्रह के लाल किताब उपाय || Mangal Grah Ke Lal Kitab Upay

मंगल ग्रह के मंत्र || Mangal Grah Ke Mantra

श्री अंगारक स्तोत्रम् || Sri Angaraka Stotram

मंगल कवच || Mangal Kavacham

मंगल अष्टोत्तर शतनामावली || Mangal Ashtottara Shatanamavali

अंगारक अष्टोत्तर शतनामावली || Angaraka Ashtottara Shatanamavali

श्री अंगारक अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् || Sri Angaraka Ashtottara Shatanama Stotram

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *