मंगल अष्टोत्तर शतनामावली || Mangal Ashtottara Shatanamavali

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मंगल अष्टोत्तर शतनामावली || Mangal Ashtottara Shatanamavali

Mangal Ashtottara Shatanamavali में मंगल ग्रह के 108 नामों वर्णन किया हैं ! Mangal Ashtottara Shatanamavali का नियमित पाठ करने से आप मंगल ग्रह के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं ! आपको मंगल जब अशुभ प्रभाव दे रहा हो या मंगल आपकी कुंडली में नीच या अशुभ भाव में हो या मंगल की दशा व् अन्तर्दशा या गोचर में अशुभ परिणाम दे रहा हो जब Mangal Ashtottara Shatanamavali का पाठ करना बहुत लाभदायक होता हैं !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 9667189678 Mangal Ashtottara Shatanamavali By Acharya Pandit Lalit Trivedi

मंगल अष्टोत्तर शतनामावली || Mangal Ashtottara Shatanamavali

  • ॐ महीसुताय नमः ।
  • ॐ महाभागाय नमः ।
  • ॐ मंगळाय नमः ।
  • ॐ मंगळप्रदाय नमः ।
  • ॐ महावीराय नमः ।
  • ॐ महाशूराय नमः ।
  • ॐ महाबलपराक्रमाय नमः ।
  • ॐ महारौद्राय नमः ।
  • ॐ महाभद्राय नमः ।
  • ॐ माननीयाय नमः ॥ १० ॥
  • ॐ दयाकराय नमः ।
  • ॐ मानदाय नमः ।
  • ॐ अमर्षणाय नमः ।
  • ॐ क्रूराय नमः ।
  • ॐ तापपापविवर्जिताय नमः ।
  • ॐ सुप्रतीपाय नमः ।
  • ॐ सुताम्राक्षाय नमः ।
  • ॐ सुब्रह्मण्याय नमः ।
  • ॐ सुखप्रदाय नमः ।
  • ॐ वक्रस्तंभादिगमनाय नमः ॥ २० ॥
  • ॐ वरॆण्याय नमः ।
  • ॐ वरदाय नमः ।
  • ॐ सुखिनॆ नमः ।
  • ॐ वीरभद्राय नमः ।
  • ॐ विरूपाक्षाय नमः ।
  • ॐ विदूरस्थाय नमः ।

  • ॐ विभावसवॆ नमः ।
  • ॐ नक्षत्र चक्र संचारिणॆ नमः ।
  • ॐ क्षत्रपाय नमः ।
  • ॐ क्षात्रवर्जिताय नमः ॥ ३० ॥
  • ॐ क्षयवृद्धिविनिर्मुक्ताय नमः ।
  • ॐ क्षमायुक्ताय नमः ।
  • ॐ विचक्षणाय नमः ।
  • ॐ अक्षीण फलदाय नमः ।
  • ॐ चक्षुर्गॊचराय नमः ।
  • ॐ शुभलक्षणाय नमः ।
  • ॐ वीतरागाय नमः ।
  • ॐ वीतभयाय नमः ।
  • ॐ विज्वराय नमः ।
  • ॐ विश्वकारणाय नमः ॥ ४० ॥
  • ॐ नक्षत्रराशिसंचाराय नमः ।
  • ॐ नानाभयनिकृंतनाय नमः ।
  • ॐ कमनीयाय नमः ।
  • ॐ दयासाराय नमः ।
  • ॐ कनत्कनकभूषणाय नमः ।
  • ॐ भयघ्नाय नमः ।
  • ॐ भव्यफलदाय नमः ।
  • ॐ भक्ताभयवरप्रदाय नमः ।
  • ॐ शत्रुहंत्रॆ नमः ।
  • ॐ शमॊपॆताय नमः ॥ ५० ॥
  • ॐ शरणागतपॊषणाय नमः ।
  • ॐ साहसाय नमः ।

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  • ॐ सद्गुणाध्यक्षाय नमः ।
  • ॐ साधवॆ नमः ।
  • ॐ समरदुर्जयाय नमः ।
  • ॐ दुष्टदूराय नमः ।
  • ॐ शिष्टपूज्याय नमः ।
  • ॐ सर्वकष्टनिवारकाय नमः ।
  • ॐ दुःखभंजनाय नमः ।
  • ॐ दुर्धराय नमः ॥ ६० ॥
  • ॐ हरयॆ नमः ।
  • ॐ दुःस्वप्नहंत्रॆ नमः ।
  • ॐ दुर्धर्षाय नमः ।
  • ॐ दुष्टगर्वविमॊचकाय नमः ।
  • ॐ भारद्वाजकुलॊद्भवाय नमः ।
  • ॐ भूसुताय नमः ।
  • ॐ भव्यभूषणाय नमः ।
  • ॐ रक्तांबराय नमः ।
  • ॐ रक्तवपुषॆ नमः ।
  • ॐ भक्तपालनतत्पराय नमः ॥ ७० ॥
  • ॐ चतुर्भुजाय नमः ।
  • ॐ गदाधारिणॆ नमः ।
  • ॐ मॆषवाहनाय नमः ।
  • ॐ मिताशनाय नमः ।
  • ॐ शक्तिशूलधराय नमः ।
  • ॐ शक्ताय नमः ।
  • ॐ शस्त्रविद्याविशारदाय नमः ।
  • ॐ तार्किकाय नमः ।

  • ॐ तामसाधाराय नमः ।
  • ॐ तपस्विनॆ नमः ॥ ८० ॥
  • ॐ ताम्रलॊचनाय नमः ।
  • ॐ तप्तकांचनसंकाशाय नमः ।
  • ॐ रक्तकिंजल्कसन्निभाय नमः ।
  • ॐ गॊत्राधिदॆवताय नमः ।
  • ॐ गॊमध्यचराय नमः ।
  • ॐ गुणविभूषणाय नमः ।
  • ॐ असृजॆ नमः ।
  • ॐ अंगारकाय नमः ।
  • ॐ अवंतीदॆशाधीशाय नमः ।
  • ॐ जनार्दनाय नमः ॥ ९० ॥
  • ॐ सूर्ययाम्यप्रदॆशस्थाय नमः ।
  • ॐ यौवनाय नमः ।
  • ॐ याम्यदिग्मुखाय नमः ।
  • ॐ त्रिकॊणमंडलगताय नमः ।
  • ॐ त्रिदशाधिप्रसन्नुताय नमः ।
  • ॐ शुचयॆ नमः ।
  • ॐ शुचिकराय नमः ।
  • ॐ शूराय नमः ।
  • ॐ शुचिवश्याय नमः ।
  • ॐ शुभावहाय नमः ॥ १०० ॥
  • ॐ मॆषवृष्चिकराशीशाय नमः ।
  • ॐ मॆधाविनॆ नमः ।
  • ॐ मितभाषिणॆ नमः ।
  • ॐ सुखप्रदाय नमः ।
  • ॐ सुरूपाक्षाय नमः ।
  • ॐ सर्वाभीष्टफलप्रदाय नमः ।
  • ॐ श्रीमतॆ नमः ।
  • ॐ अंगारकाय नमः ॥ १०८ ॥

॥ इति अंगारकाष्टॊतर शतनामावळि स्तॊत्रं संपूर्णम्‌ ॥

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