महाकाली स्तोत्र ( Mahakali Stotra ) Mahakali Stotra in Sanskrit

महाकाली स्तोत्र, Mahakali Stotra, Mahakali Stotra in Sanskrit, Mahakali Stotra Ke Fayde, Mahakali Stotra Ke Labh, Mahakali Stotra Benefits, Mahakali Stotra Pdf, Mahakali Stotra Lyrics.

महाकाली स्तोत्र || Mahakali Stotra

जो भी साधक Mahakali Stotra का नित्य रोज़ाना जाप करने से भोग व मोक्ष प्रदायक, मोहिनी शक्ति देने वाला, अघों (पापों) का नाश करने वाला, शत्रु विजय दिलाने वाला अद्‌भुत स्तोत्र है । Mahakali Stotra का रोजाना जाप करने से साधक के अन्दर तेज़ उत्पन्न होता हैं ! उसके अन्दर वशीभूत करने वाली उर्जा आ जाती हैं ! महाविद्या महाकाली स्तोत्र माँ काली को अति प्रिय है !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 7821878500 Mahakali Stotra By Acharya Pandit Lalit Trivedi

महाकाली स्तोत्र || Mahakali Stotra

अनादिं सुरादिं मखादिं भवादिं, स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः ।।1।।

जगन्मोहिनीयं तु वाग्वादिनीयं, सुहृदपोषिणी शत्रुसंहारणीयं |

वचस्तम्भनीयं किमुच्चाटनीयं, स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः ।।2।।

इयं स्वर्गदात्री पुनः कल्पवल्ली, मनोजास्तु कामान्यथार्थ प्रकुर्यात |

तथा ते कृतार्था भवन्तीति नित्यं, स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः ।।3।।

सुरापानमत्ता सुभक्तानुरक्ता, लसत्पूतचित्ते सदाविर्भवस्ते |

जपध्यान पुजासुधाधौतपंका, स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः ।।4।।

चिदानन्दकन्द हसन्मन्दमन्द, शरच्चन्द्र कोटिप्रभापुन्ज बिम्बं |

मुनिनां कवीनां हृदि द्योतयन्तं, स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः ।।5।।

हमारे Youtube चैनल को अभी SUBSCRIBES करें ||

मांगलिक दोष निवारण || Mangal Dosha Nivaran

दी गई YouTube Video पर क्लिक करके मांगलिक दोष के उपाय || Manglik Dosh Ke Upay बहुत आसन तरीके से सुन ओर देख सकोगें !

महामेघकाली सुरक्तापि शुभ्रा, कदाचिद्विचित्रा कृतिर्योगमाया |

न बाला न वृद्धा न कामातुरापि, स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः ।। 6।।

क्षमास्वापराधं महागुप्तभावं, मय लोकमध्ये प्रकाशीकृतंयत् |

तवध्यान पूतेन चापल्यभावात्, स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः ।। 7।।

यदि ध्यान युक्तं पठेद्यो मनुष्य, स्तदा सर्वलोके विशालो भवेच्च |

गृहे चाष्ट सिद्धिर्मृते चापि मुक्ति, स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः ।।8।।

<<< पिछला पेज पढ़ें                                                                                                                      अगला पेज पढ़ें >>>


यदि आपके जीवन में भी किसी भी तरह की परेशानी आ रही हो तो अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 7821878500 ( Paid Services )

Related Post : 

महाकाली साधना विधि || Mahakali Sadhana Vidhi

माँ काली मंत्र || Maa Kali Mantra

कामकला काली स्तोत्र || Kamakala Kali Stotram

माँ काली कवच || Kali Kavacham

महाकाली कवच || Mahakali Kavacham

दक्षिणकालिका कवचम् || Dakshina Kalika Kavacham

श्री रूद्रयामल तन्त्रोक्तं कालिका कवचम् || Shri Rudrayamala Tantrokta Kalika Kavacham

माँ काली स्तुति || Maa Kali Stuti

कालिका अष्टकम || Kalika Ashtakam

माँ काली अष्टोत्तर शतनामावली || Maa Kali Ashtottara Shatanamavali

काली ककारादि अष्टोत्तर शतनामावली || Kali Kakaradi Naam Ashtottara Shatanamavali

काली शतनाम स्तोत्रम् || Kali Shatanama Stotram

श्री काली अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् || Shri Kali Ashtottara Shatanama Stotram

महाकाली अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम || Mahakali Ashtottara Shatanama Stotram

ककारादि काली शतनाम स्तोत्रम् || Kakaradi Kali Shatanama Stotram

आदया कालिका देव्याः शतनाम स्तोत्रम् || Adya Kalika Devyah Shatanama Stotram

श्री काली सहस्त्रनाम || Shri Kali Sahasranamam

माँ काली के 108 नाम || Maa Kali Ke 108 Naam

श्री काली चालीसा || Shri Kali Chalisa

श्री काली माता की आरती || Shri Kali Mata Ki Aarti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *