गुरु अष्टोत्तर शतनामावली स्तोत्रम् || Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram

गुरु अष्टोत्तर शतनामावली स्तोत्रम्, Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram, Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram Ke Fayde, Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram Ke Labh, Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram Benefits, Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram Pdf, Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram in Sanskrit, Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram Lyrics. 

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

नोट : यदि आप अपने जीवन में किसी कारण से परेशान चल रहे हो तो ज्योतिषी सलाह लेने के लिए अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

30 साल के फ़लादेश के साथ वैदिक जन्मकुंडली बनवाये केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

हर महीनें का राशिफल, व्रत, ज्योतिष उपाय, वास्तु जानकारी, मंत्र, तंत्र, साधना, पूजा पाठ विधि, पंचांग, मुहूर्त व योग आदि की जानकारी के लिए अभी हमारे Youtube Channel Pandit Lalit Trivedi को Subscribers करना नहीं भूलें, क्लिक करके अभी Subscribers करें : Click Here

गुरु अष्टोत्तर शतनामावली स्तोत्रम् || Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram

Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram में गुरु ग्रह के 108 नामों वर्णन किया हैं ! Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram का नियमित पाठ करने से आप गुरु ग्रह के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं ! आपको गुरु जब अशुभ प्रभाव दे रहा हो या गुरु आपकी कुंडली में नीच या अशुभ भाव में हो या गुरु की दशा व् अन्तर्दशा या गोचर में अशुभ परिणाम दे रहा हो जब Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram का पाठ करना बहुत लाभदायक होता हैं ! जिन जातकों की जन्म कुंडली में राहु और गुरु का चांडाल योग बन रहा हो उनके लिए Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram का पाठ करने से गुरु चांडाल योग के अशुभ प्रभावों में कमी आती है !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 9667189678 Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram By Acharya Pandit Lalit Trivedi

गुरु अष्टोत्तर शतनामावली स्तोत्रम् || Guru Ashtottara Shatanamavali Stotram

गुरुर्गुणवरो गोप्ता गोचरो गोपतिप्रियः ।

गुणी गुणवतांश्रेष्ठो गुरूणाङ्गुरुरव्ययः ॥ १॥

जेता जयन्तो जयदो जीवोऽनन्तो जयावहः ।

आङ्गीरसोऽध्वरासक्तो विविक्तोऽध्वरकृत्परः ॥ २॥

वाचस्पतिर् वशी वश्यो वरिष्ठो वाग्विचक्षणः ।

चित्तशुद्धिकरः श्रीमान् चैत्रः चित्रशिखण्डिजः ॥ ३॥

बृहद्रथो बृहद्भानुर्बृहस्पतिरभीष्टदः ।

सुराचार्यः सुराराध्यः सुरकार्यहितंकरः ॥ ४॥

गीर्वाणपोषको धन्यो गीष्पतिर्गिरिशोऽनघः ।

धीवरो धिषणो दिव्यभूषणो देवपूजितः ॥ ५॥

धनुर्धरो दैत्यहन्ता दयासारो दयाकरः ।

दारिद्र्यनाशको धन्यो दक्षिणायनसम्भवः ॥ ६॥

धनुर्मीनाधिपो देवो धनुर्बाणधरो हरिः ।

आङ्गीरसाब्दसञ्जातो आङ्गीरसकुलसम्भवः ॥ ७ ॥

आङ्गीरसकुलोद्भवः सिन्धुदेशाधिपो धीमान् स्वर्णवर्णः चतुर्भुजः ।

स्वर्णकश्च हेमाङ्गदो हेमवपुर्हेमभूषणभूषितः ॥ ८॥

पुष्यनाथः पुष्यरागमणिमण्डलमण्डितः ।

काशपुष्पसमानाभः कलिदोषनिवारकः ॥ ९॥

इन्द्रादिदेवोदेवेषो देवताभीष्टदायकः ।

असमानबलः सत्त्वगुणसम्पद्विभासुरः ॥ १०॥

भूसुराभीष्टदो भूरियशः पुण्यविवर्धनः ।

धर्मरूपो धनाध्यक्षो धनदो धर्मपालनः ॥ ११॥

सर्ववेदार्थतत्त्वज्ञः सर्वापद्विनिवारकः ।

सर्वपापप्रशमनः स्वमतानुगतामरः ॥ १२॥

loading...

स्वमातानुगतामरः, स्वमातानुगतावरः ऋग्वेदपारगो ऋक्षराशिमार्गप्रचारकः ।

सदानन्दः सत्यसन्धः सत्यसंकल्पमानसः ॥ १३॥

सर्वागमज्ञः सर्वज्ञः सर्ववेदान्तविद्वरः ।

ब्रह्मपुत्रो ब्राह्मणेशो ब्रह्मविद्याविशारदः ॥ १४॥

समानाधिकनिर्मुक्तः सर्वलोकवशंवदः ।

सुरासुरगन्धर्ववन्दितः सत्यभाषणः ॥ १५॥

नमः सुरेन्द्रवन्द्याय देवाचार्याय ते नमः ।

नमस्तेऽनन्तसामर्थ्य वेदसिद्धान्तपारगः ॥ १६॥

सदानन्द नमस्तेस्तु नमः पीडाहराय च ।

नमो वाचस्पते तुभ्यं नमस्ते पीतवाससे ॥ १७॥

नमोऽद्वितीयरूपाय लम्बकूर्चाय ते नमः ।

नमः प्रकृष्टनेत्राय विप्राणाम्पतये नमः ॥ १८॥

नमो भार्गवषिष्याय विपन्नहितकारिणे ।

नमस्ते सुरसैन्यानांविपत्छिद्रानकेतवे ॥ १९॥

बृहस्पतिः सुराचार्यो दयावान् शुभलक्षणः ।

लोकत्रयगुरुः श्रीमान् सर्वगः सर्वतोविभुः ॥ २०॥

सर्वेशः सर्वदातुष्टः सर्वदः सर्वपूजितः ।

अक्रोधनो मुनिश्रेष्ठो दीप्तिकर्ता जगत्पिता ॥ २१॥

विश्वात्मा विश्वकर्ता च विश्वयोनिरयोनिजः ।

भूर्भुवोधनदासाजभक्ताजीवो महाबलः ॥ २२॥

बृहस्पतिः काष्यपेयो दयावान् षुभलक्षणः ।

अभीष्टफलदः श्रीमान् सुभद्गर नमोस्तु ते ॥ २३॥

बृहस्पतिस्सुराचार्यो देवासुरसुपूजितः ।

आचार्योदानवारिष्ट सुरमन्त्री पुरोहितः ॥ २४॥

कालज्ञः कालऋग्वेत्ता चित्तदश्च प्रजापतिः ।

विष्णुः कृष्णः सदासूक्ष्मः प्रतिदेवोज्ज्वलग्रहः ॥ २५॥

॥ इति गुर्वाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् सम्पूर्णम् ॥

<<< पिछला पेज पढ़ें                                                                                                                      अगला पेज पढ़ें >>>


यदि आपके जीवन में भी गुरु ग्रह के कारण किसी भी तरह की परेशानी आ रही हो तो अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

यह पोस्ट आपको कैसी लगी Star Rating दे कर हमें जरुर बताये साथ में कमेंट करके अपनी राय जरुर लिखें धन्यवाद : Click Here

Related Post : 

गुरु ग्रह के उपाय || Guru Grah Ke Upay

गुरु ग्रह की शांति के उपाय || Guru Grah Ki Shanti Ke Upay

गुरु को मजबूत करने के उपाय || Guru Ko Majboot Karne Ke Upay

गुरु को प्रसन्न करने के उपाय || Guru Ko Prasan Karne Ke Upay

गुरु की महादशा और अंतर्दशा के उपाय || Guru Ki Mahadasha-Antardasha Ke Upay

गुरु ग्रह के लाल किताब उपाय || Guru Grah Ke Lal Kitab Upay

गुरू ग्रह के मंत्र || Guru Grah Ke Mantra

गुरु स्तोत्र || Guru Stotram

श्री बृहस्पति स्तोत्रम् || Shri Brihaspati Stotram

गुरु कवच || Guru Kavacham

बृहस्पति कवच || Brihaspati Kavacham

गुरु अष्टोत्तर शतनामावली || Guru Ashtottara Shatanamavali

गुरु अष्टोत्तर शतनाम || Guru Ashtottara Shatanama

बृहस्पति अष्टोत्तर शतनामावली || Brihaspati Ashtottara Shatanamavali

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *