गोवर्धन की पूजा विधि ( Govardhan Ki Puja Vidhi ) Annakut Ki Puja Vidhi

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गोवर्धन की पूजा विधि || Govardhan Ki Puja Vidhi

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष तिथियों में हिन्दू धर्म के त्योहारों की भरमार देखने को मिलती है ! गोवर्धन भी इन मुख्य: त्योहारों में से एक माना जाता हैं ! गोवर्धन दीपावली से दुसरे दिन जाता हैं ! हम यंहा आपको गोवर्धन की पूजा विधि || Govardhan Ki Puja Vidhi के बारे में बताने जा रहे हैं ! गोवर्धन पूजा में गोधन यानी गायों की पूजा की जाती है दीपावली पर्व का चौथा दिन गोवर्द्धन पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा, अर्थात कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पहली तिथि, अर्थात दीपावली से अगले दिन गोवर्द्धन पूजा या अन्नकूट पूजा मनाया जाता है | Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Trivedi द्वारा बताये जा रहे गोवर्धन की पूजा विधि || Govardhan Ki Puja Vidhi को पढ़कर आप भी बहुत आसन विधि से गोवर्धन को अपने घर में पूजा कर सकोगें !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 7821878500 Govardhan Ki Puja Vidhi By Acharya Pandit Lalit Trivedi

गोवर्धन की पूजा विधि || Govardhan Ki Puja Vidhi

इस दिन गाय के गोबर से गोवर्द्धन पर्वत के सम्मुख भगवान श्रीकृष्ण, गायों व बालगोपालों की आकृतियां बनाकर उनकी पूजा करते हैं !पौराणिक कथा के अनुसार इस घटना के बाद से ही गोवर्घन पूजा की जाने लगी. बृजवासी इस दिन गोवर्घन पर्वत की पूजा करते हैं. गाय बैल को इस दिन स्नान कराकर उन्हें रंग लगाया जाता है व उनके गले में नई रस्सी डाली जाती है. गाय और बैलों को गुड़ और चावल मिलाकर खिलाया जाता है. खासतौर पर किसान लोंग इसकी ज्यादा पूजा को करते हैं इस दिन गाय के गोबर से घर के दरवाजे या आँगन में गोवर्धन जी बनाये जाते है और फिर उनकी पूजा की जाती है !

गोवर्धन की पूजा विधि || Govardhan Ki Puja Vidhi

सुबह जल्दी उठकर नित्य कर्म से पूर्ण करने के बाद साफ़ वस्त्र धारण करें ! इस दिन रसोई में पूरी और खीर बनाई जाती है या कढ़ी या बाजार भी बनाया जाता है ! उसके बाद घर में पहले से तैयार भगवान गोवर्धन जी का पूजन करते है उन्हें पूरी व् खीर का भोग लगाते है भगवान गोवर्धन के नाभि में कच्चा दूध भरा जाता है ! फिर सब परिवार के सदस्य भगवान गोवर्धन जी की परिक्रमा करते है ! इस दिन किसान लोग अपने यंहा गाय, भैंस, खेत खलियान, बैल, खेत के औजार आदि का पूजन करते है ! इस प्रकार गोवर्धन पूजा घरों में की जाती हैं ! 

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