बृहस्पति कवच ( Brihaspati Kavacham ) Brihaspati Graha Kavacham Lyrics

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बृहस्पति कवच || Brihaspati Kavacham

बृहस्पति कवच का पाठ करने से बृहस्पति ग्रह के दुष्प्रभाव समाप्त होने लग जाते हैं ! अशुभ बृहस्पति ग्रह बृहस्पति कवच का पाठ करने से शुभ परिणाम देने लग जाता हैं ! बृहस्पति कवच का पाठ जातक बृहस्पति जब अशुभ प्रभाव दे रहा हो या बृहस्पति की दशा या अंतर्दशा के समय अशुभ परिणाम दे रहा हो उस समय बृहस्पति ग्रह कवच का पाठ करना लाभकारी होता हैं !! Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Sharma द्वारा बताये जा रहे बृहस्पति कवच || Brihaspati Kavacham को पढ़कर आप भी बृहस्पति ग्रह से होने वाली परेशानी को दूर कर कर सकोंगे !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 7821878500 Brihaspati Kavacham By Acharya Pandit Lalit Trivedi 7821878500

बृहस्पति कवच || Brihaspati Kavacham

अथ बृहस्पतिकवचम्

अस्य श्रीबृहस्पतिकवचस्तोत्रमंत्रस्य ईश्वरऋषिः I

अनुष्टुप् छंदः I गुरुर्देवता I गं बीजं श्रीशक्तिः I

क्लीं कीलकम् I गुरुपीडोपशमनार्थं जपे विनियोगः II

अभीष्टफलदं देवं सर्वज्ञम् सुर पूजितम् I

अक्षमालाधरं शांतं प्रणमामि बृहस्पतिम् II १ II

बृहस्पतिः शिरः पातु ललाटं पातु मे गुरुः I

कर्णौ सुरगुरुः पातु नेत्रे मे अभीष्ठदायकः II २ II

जिह्वां पातु सुराचार्यो नासां मे वेदपारगः I

मुखं मे पातु सर्वज्ञो कंठं मे देवतागुरुः II ३ II

भुजावांगिरसः पातु करौ पातु शुभप्रदः I

स्तनौ मे पातु वागीशः कुक्षिं मे शुभलक्षणः II ४ II

नाभिं केवगुरुः पातु मध्यं पातु सुखप्रदः I

कटिं पातु जगवंद्य ऊरू मे पातु वाक्पतिः II ५ II

जानुजंघे सुराचार्यो पादौ विश्वात्मकस्तथा

अन्यानि यानि चांगानि रक्षेन्मे सर्वतो गुरुः II ६ II

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इत्येतत्कवचं दिव्यं त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः I

सर्वान्कामानवाप्नोति सर्वत्र विजयी भवेत् II ७ II

II इति श्रीब्र्ह्मयामलोक्तं बृहस्पतिकवचं संपूर्णम् II

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