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बांझपन के घरेलु उपाय !! Banjhpan Ke Gharelu Upay

बांझपन के घरेलु उपाय [ Banjhpan Ke Gharelu Upay ] : 
  • बांझपन से परेशान हो तो #छोटा_गोखरू व् तिल को समान मात्रा में लेकर, चूर्ण बनाकर रख लें। इसे 4 से 8 ग्राम सुबह-शाम बकरी के दूध में सेवन करने से गर्भाशय शुद्ध होकर बंधत्व (बांझपन) नष्ट हो जाता है। यहां यह ध्यान रखना चाहिए कि गोखरू दो प्रकार का होता है। एक छोटा और दूसरा बड़ा। यहां छोटे गोखरू के बारे में लिखा गया है। बड़े वाले गोखरू में यह क्षमता नहीं होती है। लगभग 10-20 ग्राम गोखरू के फल के चूर्ण की फंकी देने से स्त्रियों में #बांझपन का रोग मिट जाता है।
  • बांझपन से मुक्ति पाने के लिए आप #अमरबेल या #आकाशबेल (जो बेर के समान वृक्षों पर पीले धागे के समान फैले होते हैं) को छाया में सुखाकर रख लें। इसे चूर्ण बनाकर मासिक-धर्म के चौथे दिन से पवित्र होकर प्रतिदिन स्नान के बाद 3 ग्राम चूर्ण 3 ग्राम जल के साथ सेवन करना चाहिए। इसे नियमित रूप से नौ दिनों तक सेवन करना चाहिए। सम्भवत: प्रथम आवृत्ति में ही गर्भाधान हो जाएगा। यदि ऐसा न हो सके तो योग पर अविश्वास न कर अगले आवृत्ति में भी प्रयोग करें, इसे घाछखेल के नाम से भी जाना जाता है। इसकी कच्चे धागे के क्वाथ (काढ़ा) से गर्भपात होता है।
  • बांझपन है आप तो पति-पत्नी दोनों को #विष्णुकान्ता ( #नीलशंखपुष्पी) के पत्तों का रस लगभग 20 से 40 ग्राम की मात्रा में या 40 से 80 ग्राम की मात्रा में सेवन करना चाहिए। इससे पति की पूयमेह, शुक्रमेह, मूत्रकृच्छ और धातु की दुर्बलता दूर होती है। पत्नी की गर्भाशय के दुर्बलता के कारण गर्भाधान न होने की शिकायत भी दूर हो जाएगी।
  • बांझपन को दूर करने के लिए आप यदि किसी स्त्री का गर्भाशय छोटा होने के कारण या सूख जाने की वजह से बंध्यापन (बांझपन) हो तो #गम्भारीफल की मज्जा और मुलहठी (मुलेठी) को 250 ग्राम की मात्रा में गर्म दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करने से गर्भाशय पूर्ण रूप से पुष्ट हो जाता है और बांझपन दूर हो जाता है।
  • बांझपन को दूर करने के लिए #बिजौरा नींबू के बीजों को दूध में पकाकर, एक चम्मच घी मिलाकर मासिकस्राव के चौथे दिन से प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से गर्भ की स्थापना निश्चित रूप से होती है। पन्द्रह दिनों तक क्रम नियमित रूप से जारी रखना चाहिए। यदि पहले महीने में गर्भधारण न हो तो अगले मासिकस्राव के चौथे दिन से इसे पुन: जारी करना चाहिए। यह प्रयोग व्यर्थ नहीं जाता है। इससे गर्भधारण अवश्य ही होता है।
  • बांझपन से मुक्ति पाने के लिए आप यदि गर्भाशय में वायु (गैस) भर गई हो तो थोड़ी-सी #कालीहींग को #कालीतिलों के तेल में पीसकर तथा उसमें रूई का फोहा भिगोकर तीन दिन तक योनि में रखे। इससे बांझपन का दोष नष्ट हो जाएगा। प्रतिदिन दवा को ताजा ही पीसना चाहिए।
  • बांझपन होने पर आप यदि गर्भाशय में कीडे़ पड़ गये हों तो #हरड़, #बहेड़ा, और #कायफल, तीनों को साबुन के पानी के साथ सिल पर महीन पीस लें, फिर उसमें रूई का फोहा भिगोकर तीन दिनों तक योनि में रखना चाहिए। इस प्रयोग से गर्भाशय के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।
  • बांझपन दूर करना है तो या गर्भाशय उलट गया हो तो #कस्तूरी और #केसर को समान मात्रा में लेकर पानी के साथ पीसकर गोली बना लें। इस गोली को ऋतु (माहवारी होने के पहले) भग (योनि) में रखें। इसी प्रकार तीन दिनों तक गोली रखने से गर्भाशय ठीक हो जाता है।
Updated: December 16, 2016 — 5:42 pm

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