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अण्डकोष बढ़ने के उपाय !! Andkosh Badhne Ke Upay

अण्डकोष बढ़ने के उपाय [ Andkosh Badhne Ke Upay ] :
  • अण्डकोष के बढ़ने पर #कच्चे_पपीते को लाकर उसका छिलका उतारकर व् अन्दर के बीज निकल कर बढे़ हुए अण्डकोष इस पपीते में करके, ऊपर से लंगोट बांधे ऐसा करने से आपका अण्डवृद्धि में लाभ मिलता है !
  • अण्डकोष के बढ़ने पर #कुन्दरू, #मस्तंगी, #सोंठ, #तम्बाकू, #आंवा_हल्दी, #वत्सनाग, पोस्त डोडा, वच, सभी को बराबर मात्रा में लेकर इसको कूट-पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर मकोय के रस के साथ आधे-आधे ग्राम की गोलियां बना लें। इस गोली को पानी के साथ घिसकर अण्डकोष पर लगाने, और इसी चूर्ण की पोटली से थोड़ा गर्म सेंक करें। इससे अण्डकोष के बढ़े हिस्से को रोकने में लाभ होता है !
  • अण्डकोष के बढ़ने पर #बिरोजा, लोध, गन्धा, फिटकरी, कुन्दरू, गुग्गल को बराबर मात्रा में पानी के साथ पीसकर लेप करने से सभी प्रकार के अण्डकोष की वृद्धि रुक जाती है !
  • अण्डकोष के बढ़ने पर 25 ग्राम #आम के पत्ते, 10 ग्राम #सेंधा_नमक, दोनों को पीसकर हल्का-सा गर्म करके लेप करने से अण्डकोष की वृद्धि सही हो जाती है !
  • अण्डकोष के बढ़ने 20 #किशमिश के दाने रोजाना खाने से अण्डकोष में भरा पानी कम हो जाता है !
  • अण्डकोष के बढ़ने पहले गर्म पानी फिर ठंडे पानी से एक के बाद एक सेंक करने से अण्डकोष का फूलना सही हो जाता है !
  • अण्डकोष के बढ़ने पर #अमलतास की फली के एक चम्मच गूदे को एक कप पानी में उबालकर आधा शेष रहने पर उसमें एक चम्मच गाय का घी मिलाकर खड़े-खड़े पीने से अण्डवृद्धि में लाभ होता है !
  • अण्डकोष के बढ़ने व् अण्डकोष की सूजन पर #भांगरा के पंचांग (जड़, तना, पत्ती, फूल और फल) को पीसकर टिकिया बनाकर अण्डकोषों पर बांधने से अण्डकोष की वृद्धि रुक जाती है और अण्डकोष सामान्य हो जाता है !
  • अण्डकोष के बढ़ने #सेंधानमक को पीसकर गाय के घी में मिलाकर 7 दिन तक सेवन करने से अण्डकोष में होने वाली वृद्धि में कमी होगी और आराम मिलेगा !
  • अण्डकोष के बढ़ने #अंगूर के 5-6 पत्तों पर घी चुपड़कर तथा आग पर खूब गर्म कर बांधने से अण्डकोषों की सूजन बिखर कर ठीक हो जाती है !
  • अण्डकोष के बढ़ने पर #अपराजिता के बीजों को पीसकर गरम कर लेप करने से अण्डकोष की सूजन बिखर जाती है !
  • अण्डकोष के बढ़ने पर प्रतिदिन सुबह एरण्ड के तेल का जुलाब देना चाहिए और रोज दो बार एरण्ड के तेल से अण्डकोष पर मालिश करनी चाहिए। इससे अण्डवृद्धि दूर हो जाती है !
  • अण्डकोष के बढ़ने पर 10 मिलीलीटर #एरण्ड तेल को 3 ग्राम गुग्गुलु और 10 मिलीलीटर गौमूत्र के साथ सुबह-शाम पीने से एवं अण्डकोष पर एरण्ड पत्ते गरम करके बांधने से अण्डकोष वृद्धि ठीक हो जाती है !
  • यदि बच्चे की अण्डवृद्धि (फोता लटक जाए) तो #अरहर की दाल भिगोकर तथा उसी पानी में पीसकर गर्म करके लेप करना लाभकारी है !
  • भोजन तथा परहेज : इस रोग में अधिक खाना खाना, अधिक परिश्रम, मल-मूत्र और शुक्र का वेग रोकना, गरिष्ठ यानी भारी खाना, दही, उड़द, मिठाई, बासी अन्न, मैथुन, साइकिल की सवारी सभी हानिकारक है। इस रोग में वमन, पाचक पदार्थ सेवन, ज्वार, स्वेद, विरेचन (दस्त लाने वाली वस्तुएं), ब्रह्मचर्य-पालन (संयासी जीवन), गेहूं, शालिधान्य, पुराना चावल, ताजा मठ्ठा, गाय का दूध और हरे शाक सभी अण्डवृद्धि में फायदेमन्द है !
Updated: December 12, 2016 — 5:02 pm

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