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आग में जलने का इलाज !! Aag Me Jalne Ka Ilaj

आग में जलने का इलाज [ Aag Me Jalne Ka Ilaj ] : 

बहुत सारे लोग है जो की किसी ना किसी वजह से काम करते हुए आग से जल जाते है ! इसी बात का ध्यान करते हुए हम आग से त्वचा जलने के कुछ आयुवेदिक उपाय बताने जा रहे है ! जिन्हें आप आग से त्वचा जलने के बाद तुरंत करके काफी हद तक अपने आप को बचा पाओगे ! दिए गये उपाय बड़े ही आसन व् सुविधाजनक है ! जिन्हें आप घर बैठे कर सकोगे ! 

  • यदि किसी व्यक्ति की त्वचा जल गई है तो उसके जले हुए भाग को तुरंत पानी के अन्दर करके काफी देर तक हिलाते रहना चाहिए। जब जलन शांत हो जाए, तो रक्त निकलने वाली बाहरी चोट पर गीले कपड़े की ठंडी पटि्टयां बार-बार लगानी चाहिए। इसके कुछ समय के बाद पट्टी को खोलकर उसके ऊपर नीम की पत्तियों का रस, घीकुंआर का रस या आलू पीसकर लगाना चाहिए। इससे रोगी की जलन बहुत जल्दी ठीक हो जाती है तथा उसके जख्म भी जल्दी भरने लगते हैं।
  • ड्रेसिंग बदलते समय दर्द से राहत के लिए ओपिऑइड्स या कैटामाइन का उपयोग किया जाता है।
  • यदि किसी व्यक्ति का पूरा शरीर ही जल गया हो तो पूरे शरीर को ठंडे पानी से भरे हुए टब आदि में डुबोए रखना चाहिए। ऐसा करने से 2-3 घण्टों के अन्दर ही रोगी की जलन कम हो जाती है तथा दर्द भी खत्म जाता है। जलन तथा दर्द जब कम हो जाता है तब 1 भाग नारियल का तेल तथा 2 भाग चूने का पानी आपस में मिलाकर रूई के फोहे से जले हुए भाग पर लगाना चाहिए। इस प्रकार से रोगी का इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से करने से रोगी का रोग कुछ दिनों के बाद पूरी तरह से ठीक हो जाता है।
  • ओटीसी दर्दनिवारकः साधारण रूप से जलने पर सामान्य दर्दनिवारक, जैसे-पारासिटामोल, एस्पिरीन् और आइब्यूप्रोफेन से दर्द से मुक्ति मिल सकती है।

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  • जलन का दर्द तीव्र और लंबे समय तक रहने वाला दर्द होता है, इसलिए इसका इलाज मुश्किल हो सकता है। जलने के दर्द के अतिरिक्त इलाज के दौरान घाव की सफाई करने एवं ड्रेसिंग बदलने के दौरान भी दर्द होता है। जलने के दर्द के इलाज में प्रायः अधिक दवाओं की आवश्यकता पड़ती है। इसमें दर्द से राहत के लिए अत्यन्त क्रियाशील दवाओं की आवश्यकता पड़ती है।
  • जड़ी-बूटियों से उपचार-एलोविरा जेल जलने से होनेवाले दर्द के लिए एक प्रभावकारी और लोकप्रिय वनस्पतिप्रदत्त औषधि है, जो साधारण तौर पर जलने और इससे होनेवाले दर्द , गर्मी, सनबर्न, गर्म पानी आदि से जलना या त्वचा के किसी साधारण तकलीफ की स्थिति में उपयोग में लाया जाता है।
  • अत्यधिक जल जाने पर होनेवाले दर्द के लिए कई प्रकार के दर्दनिवारक दवाओं, जैसे-पारासिटामोल, नॉन-स्टेरॉयडल दर्दनिवारक दवाएं, लोकल एनस्थेसिया और ओपिऑइड्स का सम्मिश्रित उपयोग किया जाता है।
  • ओपिऑइड्स (कोडीन, मॉर्फिन) का जलने से होने वाले दर्द में मुख्य रूप से उपयोग किया जाता है। ये शक्तिशाली, और प्रभावकारी होते हैं और इन्हें लेना आसान होता है, लेकिन इसके कई दुष्प्रभाव भी होते हैं, और इसके प्रति सहनशीलता और निर्भरता भी विकसित हो सकती है।
  • जलने के कारण होनेवाले दर्द के उपयुक्त इलाज के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक पद्धतियों के सम्मिलित प्रयोग से दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। इ वैकल्पिक पद्धतियों में मालिश, सम्मोहन और एक्यूपंक्चर आदि आते हैं।
  • होमियोपैथीः अर्टिका अरेंस, कॉस्टिकम, हायपरिकम परफॉरेटम औऱ कैंथेरिस कुछ होमियोपैथिक दवाएं हैं, जिनसे जलने से होनेवाला दर्द घटता है। कैंथेरिस की दो-तीन गोलियां जीभ के नीचे रखने से जलने का दर्द कुछ ही मिनटों के अंदर गायब हो जाता है। दर्द के राहत के लिए जरूरत के अनुसार खुराक दुहराई जा सकती है।

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Updated: April 29, 2017 — 3:28 pm

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